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BR Emporium की पूजन सामग्री के साथ गंगा पूजा

गंगा दशहरा: माँ गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का दिव्...

गंगा दशहरा माँ गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का पर्व है, जो आध्यात्मिक शुद्धि और मोक्ष का प्रतीक माना जाता है। जानिए इसका महत्व, पूजा विधि और BR Emporium से...

गंगा दशहरा: माँ गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का दिव्...

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Shri Krishna explains Atma Amar Hai concept - BR Emporium

Bhagavad Gita Shlok Explained: आत्मा नाश नहीं होती

आत्मा न कभी जन्म लेती है, न ही कभी मरती है। यह कभी उत्पन्न नहीं हुई थी, ना ही आगे उत्पन्न होगी। आत्मा अजन्मा, नित्य, शाश्वत और पुरातन है। शरीर...

Bhagavad Gita Shlok Explained: आत्मा नाश नहीं होती

आत्मा न कभी जन्म लेती है, न ही कभी मरती है। यह कभी उत्पन्न नहीं हुई थी, ना ही आगे उत्पन्न होगी। आत्मा अजन्मा, नित्य, शाश्वत और पुरातन है। शरीर...

Divine Laddu Gopal with traditional Mukut and Mala – BR Emporium

मुकुट और माला का आध्यात्मिक महत्व

घर के मंदिर में भगवान को मुकुट और माला पहनाने से वातावरण शुद्ध और सकारात्मक बनता है। यह न केवल श्रद्धा को दर्शाता है, बल्कि बच्चों को भी संस्कारों और...

मुकुट और माला का आध्यात्मिक महत्व

घर के मंदिर में भगवान को मुकुट और माला पहनाने से वातावरण शुद्ध और सकारात्मक बनता है। यह न केवल श्रद्धा को दर्शाता है, बल्कि बच्चों को भी संस्कारों और...

Lord Krishna giving Updesh to Arjuna on Kurukshetra – BR Emporium

Bhagavad Gita Explained: Teachings, Chapters, H...

भगवद गीता महाभारत के भीष्म पर्व का हिस्सा है और इसमें कुल 700 श्लोक हैं। यह संवाद कुरुक्षेत्र युद्ध के प्रारंभ में होता है, जहाँ अर्जुन युद्धभूमि में अपने सगे-संबंधियों...

Bhagavad Gita Explained: Teachings, Chapters, H...

भगवद गीता महाभारत के भीष्म पर्व का हिस्सा है और इसमें कुल 700 श्लोक हैं। यह संवाद कुरुक्षेत्र युद्ध के प्रारंभ में होता है, जहाँ अर्जुन युद्धभूमि में अपने सगे-संबंधियों...

Karma Yoga teachings by Shri Krishna - BR Emporium

Geeta Shlok Explained: कर्म पर ध्यान, फल की चिं...

तेरा अधिकार केवल कर्म करने में है, फल में कभी नहीं। तू कर्मों के फल का कारण मत बन, और न ही अपनी प्रवृत्ति कर्म ना करने में लगा।

Geeta Shlok Explained: कर्म पर ध्यान, फल की चिं...

तेरा अधिकार केवल कर्म करने में है, फल में कभी नहीं। तू कर्मों के फल का कारण मत बन, और न ही अपनी प्रवृत्ति कर्म ना करने में लगा।

Laddu Gopal Ji bath with premium bath set from BR Emporium

लड्डू गोपाल जी की स्नान विधि: प्रेम, परंपरा और ...

हम में से कई लोग लड्डू गोपाल जी को सिर्फ मूर्ति नहीं, अपने घर के सबसे छोटे और प्यारे सदस्य की तरह मानते हैं। उनके उठने-बैठने से लेकर पहनावे और...

लड्डू गोपाल जी की स्नान विधि: प्रेम, परंपरा और ...

हम में से कई लोग लड्डू गोपाल जी को सिर्फ मूर्ति नहीं, अपने घर के सबसे छोटे और प्यारे सदस्य की तरह मानते हैं। उनके उठने-बैठने से लेकर पहनावे और...